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"दलाई लामा ने अपनी संवेदना और प्रार्थना व्यक्त की और कलाम की मौत को "एक अपूरणीय क्षति" बुला, अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा, "अनेक वर्षों में, मुझे कई अवसरों पर कलाम के साथ बातचीत करने का मौका मिला। वह एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद और राजनेता ही नहीं, बल्कि वे एक वास्तविक सज्जन थे, और हमेशा मैंने उनकी सादगी और... | "नेपाल ने एक अच्छा दोस्त खो दिया है" यह बात किसने कही थी? | नेपाली प्रधानमंत्री सुशील कोइराला |
"दलाई लामा ने अपनी संवेदना और प्रार्थना व्यक्त की और कलाम की मौत को "एक अपूरणीय क्षति" बुला, अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा, "अनेक वर्षों में, मुझे कई अवसरों पर कलाम के साथ बातचीत करने का मौका मिला। वह एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद और राजनेता ही नहीं, बल्कि वे एक वास्तविक सज्जन थे, और हमेशा मैंने उनकी सादगी और... | कलाम की मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हुए किस सरकार ने श्रद्धांजलि में 1000 मक्खन के दीपक भेंट किए थे? | भूटान सरकार |
"दलाई लामा ने अपनी संवेदना और प्रार्थना व्यक्त की और कलाम की मौत को "एक अपूरणीय क्षति" बुला, अपना दुख व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा, "अनेक वर्षों में, मुझे कई अवसरों पर कलाम के साथ बातचीत करने का मौका मिला। वह एक महान वैज्ञानिक, शिक्षाविद और राजनेता ही नहीं, बल्कि वे एक वास्तविक सज्जन थे, और हमेशा मैंने उनकी सादगी और... | जब ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की मृत्यु हुई थी उस समय श्रीलंका के राष्ट्रपति कौन थे ? | मैत्रिपाला सिरिसेना |
(धोंडू पन्त) नाना साहब ने सन् 1824 में वेणुग्राम निवासी माधवनारायण राव के घर जन्म लिया था। इनके पिता पेशवा बाजीराव द्वितीय के सगोत्र भाई थे। पेशवा ने बालक नानाराव को अपना दत्तक पुत्र स्वीकार किया और उनकी शिक्षा दीक्षा का यथेष्ट प्रबन्ध किया। उन्हें हाथी घोड़े की सवारी, तलवार व बन्दूक चलाने की विधि सिखाई गई और कई भाषाओं... | नाना साहब के पिता कौन थे ? | माधवनारायण राव |
(धोंडू पन्त) नाना साहब ने सन् 1824 में वेणुग्राम निवासी माधवनारायण राव के घर जन्म लिया था। इनके पिता पेशवा बाजीराव द्वितीय के सगोत्र भाई थे। पेशवा ने बालक नानाराव को अपना दत्तक पुत्र स्वीकार किया और उनकी शिक्षा दीक्षा का यथेष्ट प्रबन्ध किया। उन्हें हाथी घोड़े की सवारी, तलवार व बन्दूक चलाने की विधि सिखाई गई और कई भाषाओं... | बाजीराव द्वितीय की मृत्यु कब हुई थी ? | जनवरी 28 सन् 1851 |
(धोंडू पन्त) नाना साहब ने सन् 1824 में वेणुग्राम निवासी माधवनारायण राव के घर जन्म लिया था। इनके पिता पेशवा बाजीराव द्वितीय के सगोत्र भाई थे। पेशवा ने बालक नानाराव को अपना दत्तक पुत्र स्वीकार किया और उनकी शिक्षा दीक्षा का यथेष्ट प्रबन्ध किया। उन्हें हाथी घोड़े की सवारी, तलवार व बन्दूक चलाने की विधि सिखाई गई और कई भाषाओं... | बाजीराव द्वितीय के बाद पेशवा की उपाधि किसने संभाली थी ? | नानाराव |
(धोंडू पन्त) नाना साहब ने सन् 1824 में वेणुग्राम निवासी माधवनारायण राव के घर जन्म लिया था। इनके पिता पेशवा बाजीराव द्वितीय के सगोत्र भाई थे। पेशवा ने बालक नानाराव को अपना दत्तक पुत्र स्वीकार किया और उनकी शिक्षा दीक्षा का यथेष्ट प्रबन्ध किया। उन्हें हाथी घोड़े की सवारी, तलवार व बन्दूक चलाने की विधि सिखाई गई और कई भाषाओं... | नाना साहब का जन्म किस वर्ष हुआ था ? | 1824 |
01 दिसम्बर 2013 - 31 नवंबर- 1 दिसंबर की मध्यरात्रि को 00:49 बजे मंगलयान को मार्स ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में प्रविष्ट करा दिया गया, इस प्रक्रिया को ट्रांस मार्स इंजेक्शन (टीएमआई) ऑपरेशन का नाम दिया गया। यह इसकी 20 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा लम्बी यात्रा शुरूआत थी जिसमें नौ महीने से भी ज्यादा का समय लगना था और वैज्ञानिकों ... | एमओएम ने मंगल के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र में प्रवेश कब किया था? | 22 सितंबर 2014 |
01 दिसम्बर 2013 - 31 नवंबर- 1 दिसंबर की मध्यरात्रि को 00:49 बजे मंगलयान को मार्स ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में प्रविष्ट करा दिया गया, इस प्रक्रिया को ट्रांस मार्स इंजेक्शन (टीएमआई) ऑपरेशन का नाम दिया गया। यह इसकी 20 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा लम्बी यात्रा शुरूआत थी जिसमें नौ महीने से भी ज्यादा का समय लगना था और वैज्ञानिकों ... | मंगलयान को कितने बजे मार्स ट्रांसफर ट्रैजेक्टरी में इंजेक्ट किया गया था? | 00:49 बजे |
01 दिसम्बर 2013 - 31 नवंबर- 1 दिसंबर की मध्यरात्रि को 00:49 बजे मंगलयान को मार्स ट्रांसफर ट्रेजेक्टरी में प्रविष्ट करा दिया गया, इस प्रक्रिया को ट्रांस मार्स इंजेक्शन (टीएमआई) ऑपरेशन का नाम दिया गया। यह इसकी 20 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा लम्बी यात्रा शुरूआत थी जिसमें नौ महीने से भी ज्यादा का समय लगना था और वैज्ञानिकों ... | मंगलयान को सफलतापूर्वक मंगल की कक्षा में इंजेक्ट कब कर दिया गया था? | 1 दिसंबर |
1 और 2 शताब्दी के दौरान दक्षिणी भारत के चेरस, चोल और पांडिओं के रोमन मिस्र और तमिल राज्यों के बीच विकसित गहन व्यापार संबंध थे। ऊपर इंडोनेशियाई लोगों की तरह, पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए मानसून का इस्तेमाल किया एरिथ्रेअन सागर के पेरिप्लस के अज्ञात लेखक इस मार्ग का वर्णन करता है, साथ ही साथ वस्तुओं के अफ्रीक... | पुर्तगाली नाविक वास्को डी गामा ने केप का स्कोर किस वर्ष बनाया था ? | 1497 |
1 और 2 शताब्दी के दौरान दक्षिणी भारत के चेरस, चोल और पांडिओं के रोमन मिस्र और तमिल राज्यों के बीच विकसित गहन व्यापार संबंध थे। ऊपर इंडोनेशियाई लोगों की तरह, पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए मानसून का इस्तेमाल किया एरिथ्रेअन सागर के पेरिप्लस के अज्ञात लेखक इस मार्ग का वर्णन करता है, साथ ही साथ वस्तुओं के अफ्रीक... | पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए किसका का इस्तेमाल किया था ? | मानसून |
1 और 2 शताब्दी के दौरान दक्षिणी भारत के चेरस, चोल और पांडिओं के रोमन मिस्र और तमिल राज्यों के बीच विकसित गहन व्यापार संबंध थे। ऊपर इंडोनेशियाई लोगों की तरह, पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए मानसून का इस्तेमाल किया एरिथ्रेअन सागर के पेरिप्लस के अज्ञात लेखक इस मार्ग का वर्णन करता है, साथ ही साथ वस्तुओं के अफ्रीक... | मध्य हिंद महासागर क्षेत्र में एकमात्र द्वीप का नाम क्या था ? | मालदीव |
1 और 2 शताब्दी के दौरान दक्षिणी भारत के चेरस, चोल और पांडिओं के रोमन मिस्र और तमिल राज्यों के बीच विकसित गहन व्यापार संबंध थे। ऊपर इंडोनेशियाई लोगों की तरह, पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए मानसून का इस्तेमाल किया एरिथ्रेअन सागर के पेरिप्लस के अज्ञात लेखक इस मार्ग का वर्णन करता है, साथ ही साथ वस्तुओं के अफ्रीक... | दक्षिणी भारत के चेरों, चोल और पांड्यों के साथ रोमन मिस्र और तमिल साम्राज्यों का व्यापारिक संबंध किस शताब्दी में अत्यधिक था ? | 1 और 2 शताब्दी |
1 और 2 शताब्दी के दौरान दक्षिणी भारत के चेरस, चोल और पांडिओं के रोमन मिस्र और तमिल राज्यों के बीच विकसित गहन व्यापार संबंध थे। ऊपर इंडोनेशियाई लोगों की तरह, पश्चिमी नाविकों ने समुद्र पार करने के लिए मानसून का इस्तेमाल किया एरिथ्रेअन सागर के पेरिप्लस के अज्ञात लेखक इस मार्ग का वर्णन करता है, साथ ही साथ वस्तुओं के अफ्रीक... | अफ्रीका और भारत विभिन्न वाणिज्यिक बंदरगाहों के साथ माल का व्यापार किस शताब्दी से किया करते थे ? | 1 सीई |
1.पंडुक अथवा सहलिन (बंगाल का सेन वंश) नंदराज महापद्मनंद के जेष्ट पुत्र पंडुक जिनको पुराणों में सहल्य अथवा सहलिन कहा गया है । नंदराज के शासनकाल में उत्तर बिहार में स्थित वैशाली के कुमार थे । तथा उनकी मृत्यु के बाद भी उनके वंशज मगध साम्राज्य के प्रशासक के रूप में रहकर शासन करते रहे। इन के वंशज आगे चलकर पूरब दक्षिण की ओर ... | राष्ट्रपाल ने किस क्षेत्र को अपनी राजधानी बनाई थी ? | पैठन अथवा प्रतिष्ठान |
1.पंडुक अथवा सहलिन (बंगाल का सेन वंश) नंदराज महापद्मनंद के जेष्ट पुत्र पंडुक जिनको पुराणों में सहल्य अथवा सहलिन कहा गया है । नंदराज के शासनकाल में उत्तर बिहार में स्थित वैशाली के कुमार थे । तथा उनकी मृत्यु के बाद भी उनके वंशज मगध साम्राज्य के प्रशासक के रूप में रहकर शासन करते रहे। इन के वंशज आगे चलकर पूरब दक्षिण की ओर ... | पांडुका को पुराणों में क्या कहा गया है ? | सहल्य अथवा सहलिन |
1.पंडुक अथवा सहलिन (बंगाल का सेन वंश) नंदराज महापद्मनंद के जेष्ट पुत्र पंडुक जिनको पुराणों में सहल्य अथवा सहलिन कहा गया है । नंदराज के शासनकाल में उत्तर बिहार में स्थित वैशाली के कुमार थे । तथा उनकी मृत्यु के बाद भी उनके वंशज मगध साम्राज्य के प्रशासक के रूप में रहकर शासन करते रहे। इन के वंशज आगे चलकर पूरब दक्षिण की ओर ... | पांडुगती के पिता कौन थे ? | आनंद राज |
1.पंडुक अथवा सहलिन (बंगाल का सेन वंश) नंदराज महापद्मनंद के जेष्ट पुत्र पंडुक जिनको पुराणों में सहल्य अथवा सहलिन कहा गया है । नंदराज के शासनकाल में उत्तर बिहार में स्थित वैशाली के कुमार थे । तथा उनकी मृत्यु के बाद भी उनके वंशज मगध साम्राज्य के प्रशासक के रूप में रहकर शासन करते रहे। इन के वंशज आगे चलकर पूरब दक्षिण की ओर ... | नंदराज महापद्मनन्द के बड़े पुत्र कौन थे ? | पंडुक |
1.पंडुक अथवा सहलिन (बंगाल का सेन वंश) नंदराज महापद्मनंद के जेष्ट पुत्र पंडुक जिनको पुराणों में सहल्य अथवा सहलिन कहा गया है । नंदराज के शासनकाल में उत्तर बिहार में स्थित वैशाली के कुमार थे । तथा उनकी मृत्यु के बाद भी उनके वंशज मगध साम्राज्य के प्रशासक के रूप में रहकर शासन करते रहे। इन के वंशज आगे चलकर पूरब दक्षिण की ओर ... | मथुरा सुकेत स्थल और मंडी की सेना का जनक किसे कहा जाता है ? | राजा वीरसेन |
10-12 साल हिन्दू धर्म के अन्तर्गत रहते हुए बाबासाहब आम्बेडकर ने हिन्दू धर्म तथा हिन्दु समाज को सुधारने, समता तथा सम्मान प्राप्त करने के लिए तमाम प्रयत्न किए, परन्तु सवर्ण हिन्दुओं का ह्रदय परिवर्तन न हुआ। उल्टे उन्हें निंदित किया गया और हिन्दू धर्म विनाशक तक कहा गया। उसेके बाद उन्होंने कहा था की, “हमने हिन्दू समाज में ... | मनष्य धर्म के लिए नहीं बल्कि धर्म मनुष्य के लिए है यह किसका मानना था ? | आम्बेडकर |
10-12 साल हिन्दू धर्म के अन्तर्गत रहते हुए बाबासाहब आम्बेडकर ने हिन्दू धर्म तथा हिन्दु समाज को सुधारने, समता तथा सम्मान प्राप्त करने के लिए तमाम प्रयत्न किए, परन्तु सवर्ण हिन्दुओं का ह्रदय परिवर्तन न हुआ। उल्टे उन्हें निंदित किया गया और हिन्दू धर्म विनाशक तक कहा गया। उसेके बाद उन्होंने कहा था की, “हमने हिन्दू समाज में ... | मैं एक अछूत हिंदू के रूप में पैदा हुआ था, मैं एक हिंदू के रूप में कभी नहीं मरूंगा, अंबेडकर ने यह घोषणा कब की थी ? | 13 अक्टूबर 1935 |
18वीं शताब्दी में मुग़लों के पतन के साथ ही इस मिश्रित संस्कृति का केन्द्र दिल्ली से लखनऊ चला गया, जो अवध के नवाब के अन्तर्गत था और जहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में कला, साहित्य, संगीत और काव्य का उत्कर्ष हुआ। लगभग 75 वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र का ईस्ट इण्डिया कम्पनी (ब्रिटिश व्यापारिक कम्पनी) ने धी... | भारतीय संविधान कब लागू हुआ था? | 1950 |
18वीं शताब्दी में मुग़लों के पतन के साथ ही इस मिश्रित संस्कृति का केन्द्र दिल्ली से लखनऊ चला गया, जो अवध के नवाब के अन्तर्गत था और जहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में कला, साहित्य, संगीत और काव्य का उत्कर्ष हुआ। लगभग 75 वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र का ईस्ट इण्डिया कम्पनी (ब्रिटिश व्यापारिक कम्पनी) ने धी... | उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री कौन थे ? | गोविंद वल्लभ पंत |
18वीं शताब्दी में मुग़लों के पतन के साथ ही इस मिश्रित संस्कृति का केन्द्र दिल्ली से लखनऊ चला गया, जो अवध के नवाब के अन्तर्गत था और जहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में कला, साहित्य, संगीत और काव्य का उत्कर्ष हुआ। लगभग 75 वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र का ईस्ट इण्डिया कम्पनी (ब्रिटिश व्यापारिक कम्पनी) ने धी... | किन दो पहाड़ी क्षेत्रों को मिलाकर उत्तरांचल राज्य बनाया गया था? | गढ़वाल और कुमाऊँ |
18वीं शताब्दी में मुग़लों के पतन के साथ ही इस मिश्रित संस्कृति का केन्द्र दिल्ली से लखनऊ चला गया, जो अवध के नवाब के अन्तर्गत था और जहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में कला, साहित्य, संगीत और काव्य का उत्कर्ष हुआ। लगभग 75 वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र का ईस्ट इण्डिया कम्पनी (ब्रिटिश व्यापारिक कम्पनी) ने धी... | झांसी की रानी कौन थी? | लक्ष्मीबाई |
18वीं शताब्दी में मुग़लों के पतन के साथ ही इस मिश्रित संस्कृति का केन्द्र दिल्ली से लखनऊ चला गया, जो अवध के नवाब के अन्तर्गत था और जहाँ साम्प्रदायिक सद्भाव के वातावरण में कला, साहित्य, संगीत और काव्य का उत्कर्ष हुआ। लगभग 75 वर्ष की अवधि में उत्तर प्रदेश के क्षेत्र का ईस्ट इण्डिया कम्पनी (ब्रिटिश व्यापारिक कम्पनी) ने धी... | लखनऊ विश्वविद्यालय की स्थापना किस वर्ष की गई थी ? | 1921 |
1947 में स्वतन्त्रता मिलने के बाद ब्रिटिश भारतीय सेना को नये बने राष्ट्र भारत और इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान की सेवा करने के लिये 2 भागों में बाँट दिया गया। अधिकतर इकाइयों को भारत के पास रखा गया। चार गोरखा सैन्य दलों को ब्रिटिश सेना में स्थानान्तरित किया गया जबकि शेष को भारत के लिए भेजा गया। जैसा कि ज्ञात है, भारतीय सेना... | ब्रिटिश भारतीय सेना को कितने भागों में विभाजित किया गया था? | 2 भागों |
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